News Desk

News 5 Sep 2018

नगरपालिका महात्मा गांधी स्कूल में षिक्षक दिवस पर हुआ गुरूजनों का सम्मान


बालाघाटः- महात्मा गांधी नगर पालिका उच्चतर माध्यमिक शाला में बुधवार को षिक्षक दिवस के अवसर पर पूर्व षिक्षकों तथा वर्तमान पदस्थ षिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम भाजपा प्रदेष कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेड़े के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत व्याख्यता श्री व्ही.डी.अमूले ने की। इस अवसर पर प्रमुख अतिथी के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष अनिल धुवारे उपस्थित रहें। वहीं विषेष अतिथी के रूप में नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती वीणा कनौजिया, पार्षद श्रीमती लता खटोले, श्रीमती रेखासिंह ठाकुर, श्रीमती सरिता सोनेकर, श्री ललित चैके, श्री राजेष मड़के, श्री विनय बोपचे, मनोज अहिरकर, पूर्व प्राचार्य श्री एम.के.सिंह, श्री के.एल. नगपुरे, श्री एच.के.दुबे, आर.के.खरे, एस.पी.पांडे, श्री एस.पालेवार, तथा श्री एस.सी चैरड़िया उपस्थित रहे। इस अवसर पर समस्त षिक्षकों का शाॅल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री अनिल धुवारे ने कहा कि हमारे में 5 सितबंर को देष के पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस षिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन न केवल देष के दूसरे राष्ट्रपति थे अपितु एक महान षिक्षाविद् थे। उन्होंने कहा कि षिक्षक का हमारे जीवन में विषेष महत्व होता है। एक अच्छा षिक्षक आपको हर कहीं मिल जायेगा लेकिन एक अच्छा विद्यार्थी बनना हर एक व्यक्ति का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि षिक्षक का स्थान सर्वथा सबसे ऊपर और महान होता है।
वहीं भाजपा प्रदेष कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेड़े ने कहा कि विद्यार्थी जीवन हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है यह वह समय है जब हमारे भाग्य के निर्माण की आधारषिला रखी जाती है और हमारे भाग्य के निर्माण में हमारे षिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इतिहास गवाह कि एक अच्छे विद्यार्थी ने इतिहास में अपना नाम बनाया है। अपने गुरूजनों के मार्गदर्षन में षिक्षा ग्रहण कर उनके दिखाये मार्ग पर चलने वाले विद्यार्थियों ने इतिहास में अपना नाम बनाया है विष्व विजेता सिकंदर और चंद्रगुप्त मौर्य इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय में हम विद्या अर्जित करते हैं उस विद्यालय के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को हमें नहीं भूलना चाहिए। हम प्रयास करें कि हमारे द्वारा उस विद्यालय तथा गुरूजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनें एवं गुरूदक्षिणा देने में हम कहीं भी पीछे न रह जायें और हमारी सच्ची गुरू दक्षिणा यह होगी कि जिस भी क्षेत्र में हम काम करें अपना उत्कृष्ट प्रदर्षन करें अपने काम और नाम से अपने विद्यालय और अपने गुरूजनों का भी नाम बढ़े ऐसा प्रयास हमें करना चाहिए। कार्यक्रम के अवसर पर शाला के प्राचार्य श्री एस. राहंगडाले, श्री सुधांषु तिवारी, श्री शुक्ला सर, श्री दुर्गा सौलखे सहित समस्त शाला परिवार उपस्थित रहा।



 

Consumer Desk


Map